Tuesday, March 10, 2026
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पानी की किल्लत से जूझ रहा है ये गांव, शादी तक हो रही कैंसिल, लड़के रह गए कुंवारे

पानी की किल्लत से जूझ रहा है ये गांव, शादी तक हो रही कैंसिल, लड़के रह गए कुंवारे

मुस्कान सिंह

पानी की किल्लत से जूझ रहा है ये गांव, शादी तक हो रही कैंसिल, लड़के रह गए कुंवारे

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां कोई अपनी लड़की की शादी नहीं करना चाहता। इस गांव के लड़कों की उम्र बढ़ती जा रही है। शादी क्यों नहीं हो पा रही है, इसकी वजह है पानी की किल्लत।

बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवार रोज पीने के पानी के लिए परेशान हैं। गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं और पास में कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। लोगों को रोजाना 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर या तो झरनों से पानी लाना पड़ रहा है या फिर दूसरे गांवों में जाना पड़ रहा है।

बेटियों की शादी करने से मना कर रहे लोग

गांव के निवासी रवींद्र नाग ने बताया, “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना कर रहे हैं। गांव के करीब 80 युवा आज तक कुंवारे हैं। कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं क्योंकि वे इतनी परेशानी झेलने को तैयार नहीं थीं।”

जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे गांव वाले

गांव वालों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर ‘वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन’ घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के कारण अटक गई है।

गांव वालों ने दी आंदोलन की चेतावनी

RWSS के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया, “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें से अब 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” अब गांव के लोग कह रहे हैं कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।

बदाबरली गांव की यह स्थिति सिर्फ एक गांव की नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा सवाल है। जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का साफ पानी क्यों नहीं? सरकार को जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए, वरना यह संकट और गहराता जाएगा।

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